ऐतिहासिक एवं धार्मिक-सांस्कृतिक फाग मेले का राजदरबार रामपुर में धूमधाम से शुभारम्भ
रामपुर बुशहर, 05 मार्च —
राजदरबार रामपुर के ऐतिहासिक मैदान में आज प्राचीन एवं ऐतिहासिक जिला स्तरीय चार दिवसीय फाग मेले का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य शुभारम्भ हुआ। यह मेला क्षेत्र की समृद्ध देव संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक आस्था का महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसमें दूर-दराज़ क्षेत्रों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेते हैं।
फाग मेला बुशहर रियासत के समय से आयोजित होने वाला एक प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक उत्सव है। होली के अगले दिन से आयोजित यह मेला देव परंपरा, लोक संस्कृति और सामुदायिक एकता का प्रतीक माना जाता है। इस मेले में विभिन्न क्षेत्रों से देवी-देवताओं का आगमन होता है और पारंपरिक अनुष्ठानों, देव वाद्ययंत्रों तथा लोक नृत्यों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध देव संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। राजदरबार रामपुर का मैदान वर्षों से इस ऐतिहासिक आयोजन का मुख्य केंद्र रहा है, जहां यह परंपरा निरंतर निभाई जा रही है।
इस अवसर पर राजदरबार रामपुर में देवी-देवताओं का स्वागत बुशहर राजवंश की पौराणिक परंपरा के अनुसार पूर्व सांसद रानी प्रतिभा सिंह द्वारा किया गया। स्वागत समारोह के पश्चात उन्होंने देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया तथा उपस्थित सभी लोगों को चार दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक फाग मेले की शुभकामनाएं दीं।
आज प्रातः 11 बजे से सायं तक उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह तथा नगर परिषद रामपुर के अधिकारियों व कर्मचारियों ने राजदरबार के मुख्य द्वार पर सभी देवी-देवताओं का पारंपरिक स्वागत किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। देवताओं के आगमन के साथ ही पूरे क्षेत्र में उत्सव का वातावरण बन गया और श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक देवताओं के दर्शन किए।
इस वर्ष आयोजित चार दिवसीय फाग मेले में जिला शिमला और कुल्लू के 21 देवी-देवता भाग ले रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से देवता साहिब जाख रचोली, दत्त महाराज बसारू, महाराज काजल गसो, छट्टू कीम, योगेश्वर शिंगला, परशुराम डंसा, माता काली मंदिर सुधार सभा लालसा, झाखरू नाग मंदिर कमेटी शनैरी, देवी दुर्गा बाड़ी, झाखरू नाग मंदिर कमेटी धारा सरगा, पल्धान देलठ, नरसिंह सूमा, मंगलेश्वर देवनगर, पंचवीर कमडगली बोंडा सराहन, डावर कुंड चाटी, थानेश्वर कलेडा, नव दुर्गा माता गांवबील, व्यास ऋषि कईरी महादेव आनी, बुढासरोहनी कुल्लू सराहन, चतुर्मुख मैलन देवता तथा चंबू कशोली शामिल हैं।
उपमंडलाधिकारी (नागरिक) रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि यह चार दिवसीय मेला 5 मार्च से 8 मार्च तक राजदरबार मैदान में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेला क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है तथा इससे स्थानीय लोक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने बताया कि कल से देवी-देवताओं द्वारा राजदरबार मैदान से रामपुर बाजार तक भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोक नृत्यों के साथ देव संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस शोभा यात्रा में भाग लेकर देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
चार दिवसीय फाग मेले का समापन 8 मार्च को सायं 3 बजे देवी-देवताओं की सेवा-भेट के साथ किया जाएगा, जिसके पश्चात पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ देवी-देवताओं को विदाई दी जाएगी।

