पलुहरी जलविद्युत परियोजना चरण-1 की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना की समीक्षा बैठक


लुहरी जलविद्युत परियोजना चरण-1 की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना की समीक्षा बैठक
रामपुर बुशहर, 28 जनवरी —
लुहरी जलविद्युत परियोजना चरण-1 की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आर एंड आर) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु आज परियोजना-स्तरीय आर एंड आर समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक एसजेवीएनएल लुहरी जलविद्युत परियोजना चरण-1, बीथल स्थित सम्मेलन कक्ष में संपन्न हुई।
बैठक की अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी नागरिक (ना.) रामपुर बुशहर हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने की। इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी नागरिक कुमारसैन मुकेश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन योजना से जुड़े विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रभावित परिवारों को रोजगार उपलब्ध करवाने, रोजगार विकल्पों में परिवर्तन, माहौल भद्राश क्षेत्र के विस्थापित परिवारों के पुनर्स्थापन, तथा माहौल निरथ एवं भद्राश क्षेत्र के छूटे हुए परिवारों के लिए अनुपूरक आर एंड आर ड्राफ्ट तैयार करने सहित आवश्यक अधोसंरचना एवं योजनाओं के विकास पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान परियोजना प्रभावित परिवारों द्वारा यह मांग रखी गई कि आईएनआर के अंतर्गत कुल 52 व्यक्तियों ने परियोजना से स्थाई रोजगार हेतु आवेदन किया था, जिन्हें अब तक रोजगार उपलब्ध नहीं करवाया गया है। प्रभावित परिवारों ने मांग की कि जिन सभी पात्र व्यक्तियों ने परियोजना से स्थाई रोजगार की मांग की है, उन्हें आर एंड आर योजना के प्रावधानों के तहत स्थाई रोजगार उपलब्ध करवाया जाए।
इस विषय पर उपमंडलाधिकारी नागरिक रामपुर बुशहर ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि आर एंड आर योजना के अंतर्गत रोजगार की मांग करने वाले आवेदकों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि कितने पात्र व्यक्तियों को अब तक रोजगार प्रदान किया गया है और शेष प्रकरणों की वर्तमान स्थिति क्या है।
इसके अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण से संबंधित शिकायतों, विशेषकर मौजा नरौला, ग्राम पंचायत एवं पटवार सर्कल निरथ, तहसील रामपुर में एसजेवीएनएल द्वारा अधिग्रहित भूमि, जो जिला प्रशासन द्वारा घोषित डेंजर ज़ोन में आती है, के मामलों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में लुहरी जलविद्युत परियोजना चरण-1 के निर्माण कार्यों के कारण हुई फसल एवं आवासीय क्षति से संबंधित मुआवजा प्रकरणों की समीक्षा की गई। उपमंडल रामपुर बुशहर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में लंबित फसल क्षति आकलन प्रकरणों, ग्राम पंचायत करांगला एवं बराच में मकानों में आई दरारों से संबंधित क्षति आकलन मामलों, पूर्व में वितरित मुआवजा तथा शेष लंबित मामलों की स्थिति पर भी विचार किया गया।
फसल क्षति के प्रतिशत निर्धारण से संबंधित निर्णयों की समीक्षा के साथ-साथ निरमंड, कुमारसैन एवं शोंगटोंग जलविद्युत परियोजना (जिला किन्नौर) में लागू मुआवजा मानकों पर भी चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त डंपिंग साइट भैराखड़ एवं निन्नू से प्रभावित क्षेत्रों में फसल क्षति मापने हेतु ज़ोन निर्धारण, ग्राम पंचायत दत्तनगर में एलएचईपी चरण-1 के कारण हुई फसल क्षति आकलन की स्थिति (वर्ष 2021-22 एवं 2022-23), तथा फसल क्षति मुआवजा आकलन हेतु 900 मीटर की अधिकतम दूरी में शिथिलता एवं डोई शरण क्षेत्र को मुआवजा दायरे में शामिल करने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के अंत में उपमंडलाधिकारी नागरिक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन, फसल एवं आवासीय क्षति मुआवजा से जुड़े सभी प्रकरणों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं समन्वयपूर्ण ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में एचओपी लुहरी जलविद्युत परियोजना विवेक शर्मा, जीएम (आर एंड आर) अलका शैशवाल, विषय विशेषज्ञ (बागवानी) संजय चौहान, कृषि विभाग से करण गुलेरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, संबंधित पंचायतों के प्रतिनिधि एवं राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे।

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