हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के नेताओं ने की कड़ी निंदा, सी.एम. को ज्ञापन के बावजूद बजट में कोई घोषणा नहीं
रामपुर बुशहर, 23 मार्च (
हिमाचल प्रदेश सरकार के बजट में किसानों, बागवानों, कर्मचारियों और पैंशनरों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई, लेकिन पत्रकारों की लंबित मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। इससे प्रदेश भर के के पत्रकारों में भारी रोष है।
हिमाचल प्रदेश यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (एच.पी.यू.जे.) के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर देव आर्य, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रणेश राणा, महामंत्री किशोर ठाकुर, संगठन मंत्री गोपाल शर्मा, राष्ट्रीय सदस्य सुमित शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज कतना और भूषण सहित जिला शिमला इकाई के अध्यक्ष प्रेमराज कश्यप, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामलाल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, महासचिव निशांत शर्मा समेत कोषाध्यक्ष एवं प्रेस सचिव संतोष शर्मा ने सरकार के इस रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा, बजट से पहले हमने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत कराया था, लेकिन कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। नेताओं ने जोर देकर कहा कि किसानों-बागवानों की समस्याओं पर ध्यान देना सराहनीय है, लेकिन पत्रकारों की अनदेखी चिंताजनक। पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और सरकार-जनता के सेतु का काम करते हैं। इस उपेक्षा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि मांगों पर ध्यान न दिया गया, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा बनेगा। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्णय की अपील की, ताकि पत्रकार वर्ग का असंतोष दूर हो।

