शिक्षा के क्षेत्र में डॉक्टर मुकेश कुमार शर्मा ने हासिल कीं नई उपलब्धियाँ👉समाज सेवा में भी निभा रहे अग्रणी भूमिका

शिक्षा के क्षेत्र में डॉक्टर मुकेश कुमार शर्मा ने हासिल कीं नई उपलब्धियाँ
👉समाज सेवा में भी निभा रहे अग्रणी भूमिका

आनी – कुल्लू जिला के वाह्य सिराज क्षेत्र आनी के अंतर्गत ग्राम पंचायत दलाश् के सुंदर गाँव रिवाडी से सम्बन्ध रखने बाले युवा शिक्षाविद डॉ. मुकेश कुमार शर्मा. आज शिक्षा जगत में किसी परिचय के मोहताज नहीं. अपनी कड़ी मेहनत. दृढ़ निश्चय और निरंतरता के बलबूते डॉ. मुकेश ने शिक्षा क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर. समाज को एक नई दिशा प्रदान की है. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षण संस्थान खोलकर गरीब बच्चों को आगे बढ़ाया है और उन्हें नया जीवन दिया है।
इसके साथ ही उनका लेखन और प्रकाशन का कार्य भी बहुत मजबूत है। उन्होंने मनोविज्ञान और दर्शनशास्त्र में काफी किताबें प्रकाशित कर ली हैं।
अभी उनकी पांचवी किताब जल्दी ही हमारे सामने आने वाली है, जो अध्यापक शिक्षण के पाठ्यक्रम में लगेगी। ये उनका एक उत्साहित करने वाला कार्य है। इसमें कोई अतिषियोक्ति नहीं कि शिक्षा क्षेत्र में डॉक्टर मुकेश कुमार शर्मा ने असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। वे शिक्षा के क्षेत्र में गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं।
उन्होंने वर्ष 2003 से ही ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के चुनौतीपूर्ण कार्य को अपने कंधों पर लिया। ग्रामीण अंचल में शिक्षण संस्थान स्थापित करके उन्होंने गरीब और वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा और उनके जीवन को नई दिशा दी।
लेखन एवं प्रकाशन के क्षेत्र में भी उनका योगदान अत्यंत सुदृढ़ है। मनोविज्ञान एवं दर्शनशास्त्र जैसे गंभीर विषयों पर उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
उनकी पांचवी पुस्तक शीघ्र ही प्रकाशित होने वाली है, जिसे अध्यापक शिक्षण के पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा। यह शिक्षा जगत के लिए गर्व का विषय है।
उनके इस प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक कार्य के लिए समाज व युवाओं को उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
डॉक्टर मुकेश कुमार शर्मा द्वारा रचित पुस्तक “टीचिंग एंड लर्निंग” का हाल ही में हिमाचल प्रदेश के पूर्व महामहिम राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल जी के कर-कमलों से अनुमोदन हुआ। यह पुस्तक अध्यापक शिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान है और शिक्षा जगत के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। डॉक्टर मुकेश कुमार शर्मा की नई पुस्तक “चिंता एवं चिंतन” शीघ्र ही प्रकाशित होने वाली है। यह पुस्तक मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से आज के समय की पुकार है। वर्तमान दौर में बढ़ती मानसिक उलझनों और तनाव के बीच यह कृति पाठकों को चिंता से चिंतन की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। मनोविज्ञान और दर्शन के समन्वय से लिखी गई यह पुस्तक समाज के हर वर्ग के लिए प्रासंगिक एवं उपयोगी सिद्ध होगी। हाल ही में डॉक्टर शर्मा को लोक निर्माण मंत्री तथा हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा बैस्ट एजूकेशन लीडर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। शिक्षाविद डॉ. मुकेश शर्मा के अनुसार इस तरह का संयोग और इस तरह का वातावरण हमें अपने जीवन में हमेशा बनाना चाहिए। हमें निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए कि हमारे कर्म ऐसे हों जो समाज के लिए प्रेरणा बनें . उनका कहना है कि सकारात्मक प्रयास और निष्ठा से किया गया कार्य एक दिन अवश्य शीर्ष पर पहुंचाता है। यही जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग है।

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