मल्टी-डिसिप्लिनरी कैंसर इलाज से 73 वर्षीय मरीज ने स्टेज-IV मुंह और किडनी कैंसर को दी मात

मल्टी-डिसिप्लिनरी कैंसर इलाज से 73 वर्षीय मरीज ने स्टेज-IV मुंह और किडनी कैंसर को दी मात

एक ही सर्जरी में कैंसर का इलाज, चेहरे की बनावट व किडनी कीकार्यक्षमता बचाने पर फोकस

रामपुर, 22 अगस्त 2026: फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली के हेड एंड नेकऑन्को-सर्जरी तथा यूरो-ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरोंने 73 वर्षीय मरीज के मुंह और किडनी में मौजूद दो अलग-अलग कैंसर कासफलतापूर्वक इलाज किया। मरीज हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर कारहने वाला था और उसके मुंह के बाईं ओर लंबे समय से घाव था, जोधीरे-धीरे जबड़े की हड्डी तक फैल गया था। इसके कारण उसे खाना चबानेऔर निगलने में काफी परेशानी हो रही थी।

एक अन्य अस्पताल में हुई बायोप्सी में कैंसर की पुष्टि के बाद मरीज नेफोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली में डॉ. कुलदीप ठाकुर, कंसल्टेंट, हेड एंड नेकऑन्को-सर्जरी से परामर्श लिया। जांच में मुंह का स्टेज-IV कैंसर सामनेआया, जो जबड़े तक फैल चुका था। इसी जांच में किडनी में भी एक संदिग्धगांठ दिखाई दी। आगे की जांच में बाईं किडनी में भी कैंसर की पुष्टि हुई।इसके बाद दोनों कैंसर का एक साथ इलाज करने के लिए विशेषज्ञों की टीमने मिलकर इलाज की योजना बनाई।

डॉ. कुलदीप ठाकुर ने मुंह के कैंसर वाले हिस्से, गाल की त्वचा और मसूड़े केप्रभावित हिस्से को हटाने के साथ गर्दन की सर्जरी की। चेहरे पर बाहर सेकोई बड़ा चीरा लगाए बिना कैंसर के सभी दिखाई देने वाले हिस्से कोनिकाल दिया गया। इसके बाद मरीज के बाएं हाथ से ली गई त्वचा की मददसे मुंह के अंदर के हिस्से का पुनर्निर्माण किया गया, जिससे चेहरे की बनावटको भी सुरक्षित रखा जा सका।

इसी सर्जरी के दौरान डॉ. धर्मेंद्र अग्रवाल, सीनियर कंसल्टेंट, यूरो-ऑन्कोलॉजी, यूरोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पिटलमोहाली ने रोबोट की सहायता से किडनी के कैंसर की सर्जरी की। रोबोटिकपार्शियल नेफ्रेक्टॉमी के दौरान केवल कैंसर से प्रभावित हिस्सा हटाया गयाऔर किडनी के स्वस्थ हिस्से को बचाया गया। इस तरह किडनी की सामान्यकार्यक्षमता को बनाए रखने की कोशिश की गई।

सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी अच्छी रही और उसे चार दिन बादअस्पताल से छुट्टी दे दी गई। खास बात यह रही कि छुट्टी के समय उसे नाकके जरिए पेट तक जाने वाली राइल्स ट्यूब की जरूरत नहीं पड़ी। जांच मेंदोनों जगह के कैंसर को पूरी तरह निकालने की पुष्टि हुई। मरीज को आगेकीमोथेरेपी या रेडिएशन की जरूरत भी नहीं पड़ी। वर्तमान में वह स्वस्थ हैऔर सामान्य जीवन जी रहा है।

डॉ. कुलदीप ठाकुर ने कहा कि हेड एंड नेक कैंसर सर्जन औरऑन्को-रीकंस्ट्रक्टिव सर्जन की टीम के साथ इलाज करने से कैंसर को पूरीतरह निकालने, प्रभावित हिस्से का सही तरीके से पुनर्निर्माण करने और मरीजको जल्द सामान्य जीवन में वापस लाने में मदद मिलती है।

डॉ. धर्मेंद्र अग्रवाल ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी की मदद से जटिल किडनीकैंसर में भी केवल प्रभावित हिस्से को निकालकर स्वस्थ किडनी और उसकीकार्यक्षमता को बचाया जा सकता है। यह केस कैंसर के जटिल मामलों मेंअलग-अलग विशेषज्ञों की संयुक्त टीम द्वारा समय पर इलाज और बेहतरसर्जिकल योजना के महत्व को दर्शाता है।

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