विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर बायो-डायवर्सिटी पार्क बाजीर बावड़ी में स्वच्छता अभियान आयोजित
रामपुर: 29.09.2026
विद्युत मंत्रालय एवं निगमित कार्यालय के निर्देशानुसार रामपुर एचपीएस द्वारा 17 सितम्बर से 2 अक्तूबर 2026 तक स्वच्छता ही सेवा (SHS) अभियान–2026 का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में दिनांक 28.09.2026 को ई. विकास मारवाह, परियोजना प्रमुख, रामपुर एचपीएस के नेतृत्व में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रामपुर एचपीएस द्वारा बायो-डायवर्सिटी पार्क, बाजीर बावड़ी में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में रामपुर एचपीएस के कर्मचारियों के साथ-साथ आवेरी महिला मंडल की महिलाओं ने भी भाग लिया। इस दौरान बायो-डायवर्सिटी पार्क परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों की गहन सफाई की गई तथा पार्क में एकत्रित कचरे एवं प्लास्टिक अपशिष्ट को हटाकर उचित कचरा प्रबंधन हेतु निर्धारित स्थल तक पहुंचाया गया।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित इस स्वच्छता अभियान का उद्देश्य पर्यटन स्थलों को स्वच्छ एवं आकर्षक बनाए रखने, प्राकृतिक एवं जैव-विविधता वाले क्षेत्रों के संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय एवं आगंतुकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। आवेरी महिला मंडल की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पार्क परिसर की सफाई में सहयोग किया और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
स्वच्छता अभियान के उपरांत प्लास्टिक एवं एकल-उपयोग प्लास्टिक (SUP) के उपयोग को हतोत्साहित करने तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आवेरी महिला मंडल की महिलाओं को जूट के थैलों का वितरण किया गया। जूट के थैलों के वितरण के माध्यम से दैनिक जीवन में प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर पुनः उपयोग योग्य एवं पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह ने कहा कि पर्यटन स्थलों की स्वच्छता एवं प्राकृतिक सौंदर्य का संरक्षण स्थानीय समुदाय, पर्यटकों और संस्थानों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पर्यटन एवं सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाएं, कचरे को निर्धारित स्थान पर ही डालें तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम कर पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाएं।
उन्होंने कहा, “स्वच्छ एवं सुंदर पर्यटन स्थल न केवल क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। स्वच्छता को अपनी दैनिक आदतों का हिस्सा बनाकर ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित कर सकते हैं।”
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