रामपुर में किसानो/बागवानों के लिए आयोजित तीन दिवसीय शिविर संपन्न।
प्रदेश भर के 30 किसानों/बागवानों ने लिया भाग।
रामपुर बुशहर, 21 अगस्त, आत्मा सिंह
हिमाचल प्रदेश उद्योग विभाग के सौजन्य से रामपुर के मिनी सचिवालय में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का आज शुक्रवार को समापन हुआ। तीन दिवसीय इस शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों और बागवानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों व बागवानों को कृषि और बागवानी की नई आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उत्पाद को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के तरीके भी सुझाए गए। इसके अलावा उत्पाद के उत्पादन विपणन के बारे भी जानकारी दी गई। रामपुर में उपरोक्त शिविर का संचालन की हिमोर्ड संस्था के अध्यक्ष डॉक्टर आरएस मिन्हास एवं उनके सहयोगियों द्वारा किया गया। शिविर में वीईएससीएएएफ फाउंडेशन के सीईओ पुनीत के झामटा, हिमोर्ड अध्यक्ष डॉक्टर आरएस मिन्हास, देवभूमि इंपोर्ट के पूर्व सीनियर मैनेजर अखिल चौहान, सचिन शर्मा आदि ने किसानों को अपने उत्पाद की लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन तथा एफपीओ प्रबंधन की जानकारी दी। पुनीत के झामटा ने कम लागत पर डिजिटल मार्केटिंग, ई-कमर्स, बिजनेस रिस्क आदि के बारे में विस्तार से लोगों को अवगत कराया।
शिविर के समापन पर बागवानी विभाग के विषय वाद विशेषज्ञ डॉक्टर संजय चौहान ने विभाग द्वारा किसानों /बागवानों को दी जा रही सरकारी योजनाओं और सब्सिडी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बाद में शिविर के संचालक व हिमोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर आरएस मिन्हास ने बताया कि शिविर में जिला कांगड़ा, कुल्लू और किन्नौर के करीब 30 किसानों और बागवानों ने भाग लिया। इस दौरान विशेष कर एफपीओ प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण दिया गया।अब यह सब प्रशिक्षित किसान/बागवान अपने-अपने क्षेत्र में जाकर कार्य करेंगे और अपनी जानकारी से अन्य किसानों/बागवानों को प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके किसने/बागवानों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
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