दूध उत्पादकों ने लिया अधिवेशन में भाग

रामपुर बुशहर

दो सुप्रभात ब्यूरो

हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ का अधिवेशन किसान मजदूर भवन चाटी मे हुआ।इस अधिवेशन में निरमण्ड,रामपुर,आनी,करसोग,नारकण्डा,ननखड़ी व भावानगर ब्लॉक के दुग्ध उत्पादकों ने हिस्सा लिया।इस अधिवेशन मे दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं व उनकी मांगों को लेकर चर्चा की गई।
इस अधिवेशन को हिमाचल किसान सभा के पूर्व महासचिव,डॉ ओंकार शाद,हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ के संयोजक देवकी नंद संयोजक दिनेश मेहता व किसान सभा जिला महासचिव पुरन ठाकुर ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय मे सरकार की गलत नीतियों के कारण दूध पैदा करने वाले किसान बहुत दुखी हैं उनका शोषण हो रहा है।उन्हीने कहा कि जी भी सरकारें प्रदेश में आज से पहले और जो वर्तमान में सरकार हमारे प्रदेश में है इन सरकारों ने आजतक कोई स्थायी नीति दूध वालों के लिये नही बनाई है जिस कारण दूध उत्पादन भी घाटे का सौदा बन रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भी सरकार द्वारा मिल्क फेडरेशन व निजी कंपनियों द्वारा किसानों को 22 रुपये से लेकर 30 रुपये तक दूध का दाम प्रति लीटर लिया जाता है,फीड,दवाई व चोकर के दाम लगातार बढ़ रहे हैं जिससे कि दूध को पैदा करने की लागत दिनप्रतिदिन बढ़ रही है जिससे कि दुग्ध उत्पादकों को अपना परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है।वहीं दूसरी तरफ दुग्ध उत्पादकों को दूध की पेमेंट भी समय पर नही मिल रही है पेमेंट का कोई निश्चित समय ना होने के कारण पेमेंट का भुगतान 20 तारीख के बाद ही होता है जिससे कि इन पर दोहरी मार पढ़ रही है।
वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने जनता से वायदा किया था कि हमारी सरकार सत्ता में आने के बाद 80 व 100 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध खरीदेगी।जो केवल चुनावी घोषणा बन कर रह गयी है इस सरकार ने तो बजट में एक पैसे की भी बढ़ोतरी नही की है जबकि हर साल बजट मे दो तीन रुपये की बढ़ोतरी होती थी।जिससे साफ जाहिर होता है कि यह सरकार पूरी तरह से किसान विरोधी है।
उन्होंने कहा कि जो पशु औषधालय ग्रामीण क्षेत्र मे खोले गए हैं वहां पर डॉक्टर के पद खाली पड़े हुए हैं कई पशु औषधालय मैं तो ताले लटके हुए हैं जिस कारण भी लोगों को गाय मे समय पर टीका ना लगने से गाय भी खराब हो रही है।
हिमाचल दुग्ध उत्पादक संघ प्रदेश सरकार से मांग करता कि दूध का दाम कम से कम 40 रुपया प्रति लीटर किया जाए,दूध की पेमेंट हर माह 10 तारीख से पहले दी जाए,सभी सोसाईटियों मे दूध की गुणवत्ता को मापने के लिये टैस्टिंग मशीन लगाई जाए ताकि दूध की गुणवत्ता को सुधारा जा सके,पशु औषधलय मे सभी खाली पद भरे जायें,पशु आहार पर सब्सिडी दी जाए,दूध को इकट्ठा करने के लिये नए चिल्लिंग प्लांट खोले जायें।बैठक मे तय किया गया कि 17 जुलाई को इन मांगों को लेकर दत्तनगर मे मिल्क फेडरेशन के बाहर 24 घंटे का क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा।जिसकी तैयारी को लेकर ब्लॉक व गॉंवस्तर पर बैठकें की जाएगी।
बैठक में कश्मीरी लाल,हरविंदर,गीता राम,कमला देवी,विजय,हीरा नंद,जनता देवू,जोगिंदर,सुरता देवी,चाँद देवी,निलमा देवी,प्रेम चौहान,केशव राम,काकू कश्यप,कुमत राम,मोहन सिंह,सुनील,ख्याली राम आदि शामिल थे।

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