जी.बी. पंत महाविद्यालय में POSH, महिला शिकायत निवारण, एंटी-रैगिंग, स्वास्थ्य एवं जेंडर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
रामपुर बुशहर, 14 एवं 19 अगस्त। जी.बी. पंत मेमोरियल राजकीय महाविद्यालय, रामपुर बुशहर में विद्यार्थियों के लिए POSH अधिनियम, महिला शिकायत निवारण, एंटी-रैगिंग, खाद्य एवं पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (Food, Nutrition, Health & WASH), जेंडर समानता तथा स्वस्थ जीवनशैली विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन Women’s Grievances and Redressal Cell, Internal Complaints Committee (ICC), Anti-Ragging Committee, Food, Nutrition, Health & WASH तथा Gender Committee के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम की श्रृंखला के अंतर्गत 14 एवं 19 अगस्त को महाविद्यालय के तीनों छात्रावासों (Girls’ Hostels) तथा एक Boys’ Hostel को भी शामिल करते हुए छात्र-छात्राओं को विभिन्न विषयों पर संवेदनशील एवं जागरूक किया गया। छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को यौन उत्पीड़न, लैंगिक भेदभाव, रैगिंग, शिकायत निवारण प्रक्रिया, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण तथा स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment), लैंगिक भेदभाव (Gender Discrimination), POSH अधिनियम, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा महाविद्यालय में उपलब्ध शिकायत पेटी (Complaint Box) के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, भेदभाव या असहज स्थिति की शिकायत निर्धारित माध्यम से करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य, संतुलित आहार एवं पोषण, खाद्य सुरक्षा, स्वस्थ जीवनशैली तथा WASH से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों एवं रोकथाम के बारे में भी जागरूक किया गया तथा रैगिंग-मुक्त परिसर एवं छात्रावास सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में एंटी-रैगिंग समिति की संयोजक डॉ. विद्या बंधु नेगी, POSH, ICC तथा Women’s Grievances and Redressal Cell के संयोजक डॉ. राजन नेगी तथा Food, Nutrition, Health & WASH की संयोजक डॉ. योजना एवं डॉ. प्रमिला ठाकुर ने विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया। समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों एवं जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने तथा सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भेदभाव-मुक्त परिसर एवं छात्रावास के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम विद्यार्थियों के साथ संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं छात्रावासों में रहने वाले युवाओं में यौन उत्पीड़न एवं लैंगिक भेदभाव के प्रति जागरूकता, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली तथा शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रति समझ विकसित करना और एक सुरक्षित, स्वस्थ, स्वच्छ, समावेशी एवं रैगिंग-मुक्त परिसर एवं छात्रावास वातावरण सुनिश्चित करना रहा।

